साथ चाहिए

 

मन में उल्लास चाहिये जीने के लिए
प्रिये तेरा साथ चाहिए हमें जीने के लिए

जीवन की इस बेला में मन मरुथल क्यूँ हो गया
आशाओं के वसंत में मन पतझड़ क्यूँ हो गया
मन मधुप को चाहिए प्रेम रस पीने के लिए
प्रियेतेरा साथ चाहिए हमें जीने के लिए

प्रेम रस की सरिता बहने दो
नयनों से मदिरा फिर झरने दो
अधरों पे तेरे मुस्कान चाहिए जीने के लिए
प्रिये तेरा साथ चाहिए हमें जीने के लिए

दीप जलाओ पथ प्रकाशमय हो जाये
साथ हो तेरा तो जीवन उल्लासमय हो जाये
हर पल एक प्यास चाहिए जीने के लिए
प्रिये तेरा साथ चाहिए जीवन जीने के लिए।

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