चवन्नी

खुद ऐश कर रहे हैं सबको बेहाल कर,

रुपये का मजा लेते हैं चवन्नी उछाल कर।

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About the Author: दीपक ' दीप '

नाट्य लेखन, नाट्य निर्देशन, अभिनय एवं काव्य लेखन एवं काव्य-पाठ मेरी दिनचर्या में शामिल है। राष्ट्रीय स्तर की नाट्य -प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ अभिनय एवं निर्देशन पुरस्कारों से सम्मानित। अखिल भारतीय एवं स्थानीय मंचों में काव्य-पाठ एवं मंच -संचालन। श्रेष्ठ-कवि पुरस्कार से सम्मानित। वर्ष 2017-18 के लिए 'KCN CLUB' द्वारा "कला एवं साहित्य सम्मान" मेरी माँ का सानिध्य एवं समर्थन ही मेरी सांस्कृतिक गतिविधियों को बार-बार प्रेरित करता रहा। स्कूल एवं कॉलेज के कार्यक्रमों तथा प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेता रहा, आशातीत सफलता भी मिलती रही जिसके चलते आगे और बेहतर करने की इच्छा प्रबल होती रही ।

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