Home » काव्य

ख़ुश्क पत्ता।

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माँ

(मेरी नज़र में अगर ब्रह्मांड का सबसे सुंदर कोई शब्द है तो वो है माँ…जब भी किसी छोटे बच्चे को देखता हूँ तो बार-बार मन में एक ही ख्याल आता है कि काश …मुझे भी मेरा बचपन एक…

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चवन्नी

खुद ऐश कर रहे हैं सबको बेहाल कर, रुपये का मजा लेते हैं चवन्नी उछाल कर।

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साथ चाहिए

  मन में उल्लास चाहिये जीने के लिए प्रिये तेरा साथ चाहिए हमें जीने के लिए जीवन की इस बेला में मन मरुथल क्यूँ हो गया आशाओं के वसंत में मन पतझड़ क्यूँ हो गया मन मधुप को…

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टूटता हुआ तारा।

लोग देखते हैं अक्सर, टूटता हुआ तारा, जो जमीन को छूने की धुन में, तेज गति से आता है , जल जाता है, नष्ट हो जाता है, कभी सोचा , क्यो होता है ऐसा, क्यों करता है वो…

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